फूलों पर कोलाज

“याद कीजिए,सर. कल आपके पास दो बुक्स रखवा कर गई थी. आप कह रहे हैं बुक्स कोई और ले गया. मुझेउन किताबों की बहुत ज़रुरत है.”अनु परेशान दिख रही थी. “देखिए मोहतरमा, अगर वो किताबें इतनी ज़रूरी थींतो…

पहली उड़ान

समय अविराम गति से बीत रहा था, दस वर्ष वाली भीरु अनुपमा अब इक्कीस वर्ष कीसुन्दर, मेधावी युवतीबन चुकी थी.  सुन्दर मृदुभाषीअनुपमा अपनी मेधा और सरल स्वभाव के कारण सबकी प्रिय थी. साथ के युवक उसे हसरत भारीनिगाहों…

अटूट रिश्ता

फोन की बेल होते ही पंडित राम चरण जी ने फोनउठाया था.मन में धुकधुकी थी इतनी रात में न जाने किसने फोन किया है. राम सब कुशलकरें. फोन के दूसरे सिरे से आ रही आवाज़ ने पंडित जी…

एक लड़की शालिनी

“रैविशिंग वूमन संस्था” का वार्षिकसम्मान समारोह प्रति वर्ष आयोजित किया जाता था.उस दिन नारी-शक्ति की प्रतीक एकमहिला को उसकी उपलब्धियों, उसके संघर्ष और विजय आदि के आधार पर सम्मानितकिया जाता था. संस्था की अध्यक्षा डॉ नंदिता नाथ ने…

बलम सुगना

“कच्ची कलीकचनारी, बलम सुगना बनके आ जाना “ ढोलक की थाप के साथ कुंती मौसी की सुरीली आवाज़गूँज रही थी. चन्दा की हथेली पर मीरा  दीदी मेंहंदी के फूल रचा रही थीं. “हाय राम, चन्दा तेरी भांवरें सुगना…

अभिमानी-निराभिमानी

शेखर भैया केसुझाव पर आज सुमन लाइब्रेरी के लिए अकेली ही निकल पड़ी थी. अब वह एम् .ए प्रीवियसमें एडमीशन ले चुकी है, इतनी हिम्मत तो उसमे होनी ही चाहिए. रास्ता तो भैया ने समझाही दिया था. अचानक…

नहीं, वो खेल नहीं था

फाइनल एक्जाम्स खत्म होने के बाद इंजीनियरिंगकॉलेज के विद्यार्थी पार्टी के लिए हॉल में जमा थे .पूरा हॉल विद्युत् लड़ियों सेसजाया गया था. म्यूजिक के साथ ड्रिंक्स और तरह-तरह के व्यंजन माहौल को खुशनुमा बनारहे थे. अब इंजीनियरिंग…